Thursday, September 11, 2008

दुआओं में भी क्या कमाल का असर होता है. मान गए.

ताजा और मुख्य ख़बर ये है कि लोगों की दुआएं रंग लाईं और अनुराग अन्वेषी जी के मानसिक स्वास्थ्य में सुधार के लक्षण देखे गए. कल तक ज्ञानदत्त पाण्डेय जी पर अनर्गल आरोप लगा रहे अनुराग जी बाद में सिटपिटाते हुए अपने कहे से मुकरने का प्रयास करते पाये गए. लेकिन कमान से निकले तीर और जबान से निकली बात की तरह ही की-बोर्ड से निकली टिप्पणी भी कभी वापिस लौटती है क्या? वो तो सभी ब्लॉगर्स के अवलोकन के लिए टिप्पणी दीर्घा में सदा के लिए सुशोभित हो गयीं हैं. (माने जब तक अनुराग जी इन टिप्पणियों को मिटा नहीं देते तब तक के लिए).

जरा क्रम से इन टिप्पणियों का अवलोकन किया जाए:

टिप्पणी क्रमांक: एक
स्थान: घोस्ट बस्टर ब्लॉग
समय: १० सितम्बर, 11:28 AM (IST)

अनुराग अन्वेषी said...
अरे मेरे प्यारे भूत दा। बहुत तिलमिला गए आप तो। मेरे राग को बेसुरा और बेसुराग ही बना डाला। तो प्यारे भूत दा, मैं सुरागों की बात तो करता ही नहीं, सुराग वह तलाशें जिन्हें सूराख नजर नहीं आती। राग यह पसंद नहीं तो मैं रेलगाड़ी की छुक-छुक तो सुना नहीं सकता हूं। जिसकी शायद आपको आदत सी पड़ गई है। घाट घाट का पानी आपने पीया है या नहीं, यह तो नहीं पता पर लगता है जैसे इलाहाबाद के घाट का पानी जरूर पीया है। (इसका भी कोई सबूत मेरे पास नहीं है, इसलिए अब सबूत मत मांगने लगना) और अंत में मुझे खूब पता है कि घोस्ट बस्टर वर्चस्व की लड़ाई वाले दौर की पैदाइश नहीं है। इसीलिए 'ज्ञान''देनेवालों' से एक निवेदन,मेरे लिखे से यह समझ लें कि पता होते हुए भी घोस्ट का आवरण उतारने की मुझे जरूरत नहीं। जो आवरणों में रहना चाहता है मुझे उसे सामने लाकर क्या हासिल होना है।

टिप्पणी क्रमांक: दो
स्थान: रख्शंदा ब्लॉग
समय: १० सितम्बर, 11:34 AM (IST)

Anonymous said...
रक्षंदा जी देखिये आपके जरा प्रतिवाद पर घोस्ट बस्टर जी कितना पगला कर बौखलायें हैं और क्या झूठ पर झूठ छाप रहे हैं इन्हें इतना टाइम हैं तो भड़ास पर जा के ढुंढ लें जानकारी की कब कब छपी है नहिं तो अपने दोस्त यशवंत जी से पूछ लें शर्म तो इनको आयेगी नहीं, कुश ने कहा, लवली ने कहा की आप हैं, लेकिन फिर भी बकवास किये जा रहे हैं इसी तरह की बकवास अभय के बारे में की, और दावे दे दे के कहा की मैं अपना विवेचन लाउंगा, बकवास करते वक्त सालिम रहे लेकिन तर्क पेश करने के बजाय पीछे हट गये घोस्ट बस्टर एक खुन्नसी बकवासिया है जो अपनी असलियत छिपा कर दूसरों के साफ दामन पर कीचड़ उछालता फिर रहा है, लेकिन जल्द ही इसकी असलियत उजागर होने वाली है क्योंकि अब चिट्ठाजगत के बहुत लोगों को पता है कि यह असल में कौन है,


टिप्पणी क्रमांक: तीन
स्थान: घोस्ट बस्टर ब्लॉग
समय: १० सितम्बर, 11:35 AM (IST)

अनुराग अन्वेषी said...
और भूत दा, दुमछल्ला तो छूट ही गया। वह भी लीजिए, प्रगति तो आपकी देख रहा हूं इसलिए कहता हूं लेमनचूस नहीं, ले-मन-चूस।

ये कमेन्ट ज्ञानदत्त जी की १० सितम्बर की पोस्ट "प्रगति का लेमनचूस" की तरफ़ इशारा करते हुए है. इससे ज्यादा साफ़-साफ़ और क्या कह सकते थे ये? लेकिन इनकी हरकत ब्लॉग जगत के सामने रख दिए जाने के बाद कैसे खिसियाये हैं, ये भी देखिये.


टिप्पणी क्रमांक: चार
स्थान: घोस्ट बस्टर ब्लॉग
समय: १० सितम्बर, 04:07 PM (IST)

अनुराग अन्वेषी said...
बधाई हो भूत दा, मैंने किसी का कोई नाम नहीं लिया। पर आपके यहां जिनका नाम मेरे हवाले से उछाला जा रहा है, मेरी प्रतिक्रिया के बाद उन्हीं की प्रतिक्रिया है आपके इस ब्लॉग पर। उन्हें तो इसका अहसास ही नहीं हुआ, पर आपको पता नहीं कैसे उनका नाम सूझ गया? वैसे आपको अपनी पहली पोस्ट तो जरूर याद होगी। न हो तो उसका अंश मैं यहां दे दूं 'एक दिन 'दैनिक भास्कर' में हिन्दी ब्लॉग्स पर लेख पढ़ा. पढ़ कर भूल भी गए पर थोडी सी उत्सुकता तो बढ़ी. दो नाम याद रहे जो उसमें आए थे, शिवकुमार मिश्र और ज्ञानदत्त पाण्डेय. तीन-चार दिन बाद थोडी फुरसत के समय इन नामों को गूगल पर सर्च करने बैठे और एक पूरी नयी दुनिया नजर आयी. थोड़ा सा प्रयास करने के बाद हिन्दी के सारे फॉण्ट लोड कर लिए और फिर फायरफॉक्स और ओपरा में भी हिन्दी ब्लॉग्स ठीक से नजर आने लगे.' तो मेरे प्यारे भूत दा, आपको खुश होना चाहिए कि आपने जिनका आभार माना वह अब आपके पक्ष में खड़े हैं।

वैसे आपको जहां जो साबित करना हो, कर दो। आप मुझे भूत कहोगे तो मैं भूत नहीं हो जाऊंगा, ठीक वैसे ही कि मैं आपको भविष्य कहूं तो भी आप भविष्य नहीं हो सकते। जारी रखें आप। मजे के लिए एक सवाल पूछ रहा हूं सच बताना. आप भूत हो या भूतनी? मैं तो पाठ कर रहा हूं भूत पिशाच निकट नहीं आवै...

अनुराग जी, सारा ब्लॉग जगत जानता है कि आपने किसका नाम लिया है. लेकिन इस तरह के अनर्गल आरोप बिना किसी तर्क के जड़ दिए जाएँ तो कोई भी समझदार और सच्चा इंसान आपकी बुद्धि पर तरस खाकर उसे हंस कर उपेक्षित ही करेगा. यही ज्ञानदत्त जी ने किया है. आप कह रहे हैं कि उन्हें इसका अहसास ही नहीं हुआ. शिवकुमार जी का आपको जवाब में लिखा कमेन्ट बता रहा है कि ज्ञान जी को अहसास नहीं हुआ या वे इसे आपकी मूढ़ता समझकर इग्नोर कर गए, जैसा कि अपेक्षित भी है.

अब जरा इसकी तुलना मेरी स्थिति से की जाए. मेरे शक जाहिर करने के जवाब में गालियों से भरपूर कैसी तिलमिलाती हुई पोस्ट सामने आयी. अगर मेरी बात सच्चाई से दूर होती तो ऐसा ओवर रिएक्शन क्यों होता? इसे हंस कर टाला जा सकता था. है कोई सोचने वाला?

मैंने अपने शक के साथ कारण भी गिनाये. कोई मेरे शक की वजहों को काटने वाला सामने नहीं आया, पर मुझे बिना वजह गरियाने वालों की कमी नहीं रही. घोस्ट बस्टर का मर्सिया पढने वालों की भीड़ लग गयी. आज जब अनुराग जी, ज्ञान जी को इस कदर अपमानित कर रहे हैं तो ये सब लोग कहाँ हैं? दोहरे मापदंड के स्वामी ये सब धिम्मी किस कौने में छुपे बैठे हैं? जब अनुराग अन्वेषी बिना किसी सबूत के ज्ञान जी जैसे वरिष्ठ और सर्व सम्माननीय चिट्ठाकार पर यूँ कीचड उछाल रहे हैं तो कोई सामने आकर विरोध क्यों नहीं करता? और जब मैं सारे सबूत देते हुए भी एक अनजान ब्लॉगर के बारे में एक छोटा सा शक जाहिर करता हूँ तो मुझे कोसने वालों की भीड़ लग जाती है. ये दोगलापन क्यों?
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अपनी सफाई देने के प्रयास में रख्शंदा जी से कुछ ऐसी बातें निकल गयी हैं जो किसी बड़े घोटाले की ओर इशारा कर रही हैं और जिनका जवाब देना उन्हें मुश्किल पड़ रहा है. इनका कहना है (और ये बात दुबारा दुहराई गयी है) कि ब्लॉग जगत के बारे में  जानकारी इन्हें "मार्च २००८" के अमर उजाला से मिली और उसके बाद इन्होने भड़ास के यशवंत जी को फोन करके भड़ास से जुड़ने का कार्य किया. तभी इन्होने अपना ब्लॉग भी बनाया. लेकिन इनकी ब्लॉगर प्रोफाइल बता रही है कि इनका ब्लॉग "अक्टूबर २००७" का बना है. फ़िर ये झूठ क्यों बोल रही हैं? है कोई पूछने वाला?

रचना सिंह जी ने इनकी बात को डिफेंड करने की कोशिश की है. उनका कहना है कि अगर कोई व्यक्ति आज केवल जीमेल अकाउंट बना ले और ब्लॉग कुछ महीने बाद बनाये तो उसकी प्रोफाइल पर पुरानी तारीख ही दिखेगी, जबकि ब्लॉग निर्माण बाद का हुआ होगा.

ये बात बिल्कुल असंभव है, रचना जी. मैं अगली पोस्ट में आपको पूर्ण विस्तार से बतलाता हूँ कि क्यों. आपकी और भी शंकाओं का समाधान करना शेष है. जल्दी ही.

11 comments:

कुश एक खूबसूरत ख्याल said...

ॐ शं नो मित्रः शं वरुणः । शं नो भवत्वर्यमा ।

शं न इन्द्रो ब्रिहस्पतिः । शं नो विष्णुरुरुक्रमः ।

नमो ब्रह्मणे । नमस्ते वायो । त्वमेव प्रत्यक्षं भ्रह्मासि ।

त्वामेव प्रत्यक्षम् ब्रह्म वदिष्यामि ।

ॠतं वदिष्यामि । सत्यं वदिष्यामि ।

तन्मामवतु । तद्वक्तारमवतु । अवतु माम् । अवतु वक्तारम् ।

ॐ शन्तिः शन्तिः शन्तिः ॥

अनुनाद सिंह said...

तथाकथित रक्षंदा ( रूबी कौन है?) और अन्वेषी साहब तो फ़ुस बोल गये। अब आप अपने परम लक्ष्य पर संधान करें।

शुभास्तु ते पन्थान:!

Rachna Singh said...

ok mr ghost buster
we now move into a knowledge give an take zone
you say its not possible to make a profile and then creat a blog laater on ie proofile has another date and blog has another date
check my profile date on http://www.blogger.com/profile/09795080624079458936
On Blogger Since September 2007
Profile Views 2,063
check the first post of naari blog
its on april 5th 2008
also see my profile on
http://www.blogger.com/profile/15393385409836430390

it clearly says
On Blogger Since July 2006
Profile Views 3,441

the first post of the blog http://myownspacemyfreedom.blogspot.com/ Tuesday, July 04, 2006

also i created my hindi poem blog on 10/01/2006 09:29:00 PM but profile date is same as for english blog

besides that if i migrate any of my blogs from one profile to another the profile date remails always static but the blog changes from one profile to another
i can manipulate the name also and change it but the name will remain the same as it was before the migration
if on migration i give adminstrative rights then i can delete my blog from one profile completely

i am sure you have ample of knowledge still impssoble is something that we should never consider
i will surely wait for your next post in quest of knowledge

Ghost Buster said...

Rachna Ji: Thank you very much Ma'm. I'm so glad that you have taken up this topic and have shown a desire for a discussion. I am sure it would lead us towards a more clear picture of the scene.

I have always been an admirer of your technical expertise in the field of internet and blogging. Your recent comment (on this blog) is only consolidating my faith in the excellence of your knowledge base.

I must confess I've no first hand experience of managing so many blogs and profiles and intermixing and/or intermixing them by migrating a blog from one profile to another and shifting a profile from one blog to other etc. It would be such a big headache for me. You clearly score a point here.

But we should concentrate on whether it is possible for Ms Rakhshanda to create a profile page in October, 2007 even when she was completely ignorant of the blog world till March, 2008 as claimed by her.

I am able to understand what you have tried to establish by giving your own examples of your profile creation dates and date of first post etc. but many arguments can be given in this context. Also the case of Ms rakhshanda is quite different. I'll try to explain that in my next post. Please wait till then.

And one thing is sure for which I must congratulate you. The number of hits on your profile pages is enough to give anyone a complex.

Ghost Buster said...

sorry. It should be-

"Intermixing and/or interchanging them"

Rachna Singh said...

Mr Ghost Buster
Please try to explain in detail the problem you have with rakhanda blogger profile { for few minuts we can forget whether the blgger is man or woman because i am really not sure what is the issue between you and the said blogger } but i will surely like to clear any misnorms in my thinking process but i am sure its possible for any one to creat a identity today and blog after one year or creat a new blog today and shift it to a identity a year back . its all in google webmasters tools and any one can learn it
i am keen learner and would surely like to learn as much a tecknik as possible because blogging is not just about pulling each others legs or establishing how good we all our , blogging is medium to express to share and to grow . also its not that if few blogger came in hindi blogging 2 years before us makes them any more intelligent or reputed and we need to bow to them because they are blogging before us . todays 11 year old is far more technologically sound then we all our .
please grow and move to better pasteure is my humble request and it was the reason why i posted my comment in an very impartial way on your blog
AND i do look forward to your psot but please abstain using my name in heading .

Udan Tashtari said...

महासंग्राम का मंच सजाया जा रहा है?

ॐ शन्तिः शन्तिः शन्तिः ॥

Ghost Buster said...

Rachna Ji: It's quite sad to see that despite being clarified ample number of times that the main issue is not concerning the gender of the alleged blogger at all, rather it is the fraud associated with the act that I am targetting at, few people are constantly harping on the 'stree-purush' angle. Your recent comment seems to have no exception to that.

Nobody can claim to be an expert on everything related to blogging and net world, and there is always some scope for anyone to enhance her/his knowledge further. I feel you have a lot to offer in terms of blogger related issues thanks to your vast experience in the field.

But you have again dropped a number of issues in your comment (relating to blogger seniority etc) which seems to have no direct relation to the current topic and can only serve as a drift from the core issue that we are trying to focus at. No doubt your thoughts are precious and have a value but my only request to you at this point of time is that can we discuss all these separately once the ongoing controversy is settled. Hope you understand.

I repeat once again, please concentrate on the possibility of Ms Rakhshanda being able to create a blogger profile in October 2007 even when she was at a total loss of familiarity with the blog world beyond March 2008, as she claims.

The examples you have given are not enough to prove this, that's my view right now. Let's see if I am able to sustain it in the light of your strong arguments. Anyway I am sure to gain some valuable information from the discussion.

The only negative side of this thought exchanging on technical topics is that Ms Rakhshanda (or the person behind her) may be able to find some loophole to cover her statement which she issued in her haste to clarifiy her association with 'Bhadas'. Can't there be some way of contacting her personally to know her version of the things before we begin so that we can have a proof beforehand and thus any future possibility of manipulation. can be eliminated? (Again I'm not insisting on that. My only purpose in suggesting this is to remove any confusion which may arise in between the discussion.)

And finally, regarding the heading, let me tell you that I generally choose a title for the post once I have finished writing it. Then I select what appears best to my understanding. But I'll definitely keep your expressed desire in my mind while doing so.

कुश एक खूबसूरत ख्याल said...

meri profile creation date hai sep 2006 jabki meri pahli post hai feb 07.. aur jaha tak mujhe pata hai maine apna blog feb 07 mein banaya tha.. mujhe nahi pata sep 06 kyo aa raha hai isme..

रचना said...

Mr Ghost Buster
I am an impulsive writer when i comment and i dont care to check on grammer , spelling and thoughts
Please note that my reason of participating is purely to understand the depth of technique used and in no way i am here to defend or maalign either you or rakhshanda . i am neither interested in contacting her or asking her for a clarification , for the primary reason its of no interest to me .
and what i have written i stand by it if you think it was not ok to comment on seniority etc then its all related because you your self are making too many issues in the same post
and if you see the reaction to my first comment from another blogger on last post you will understand why i gave this comment .
itss human nature to caary forward the thoughts and thinking is an complex process who knows it beeter then you
and i personally google has given this right to all to project what ever they want to project in their profile and if some one is happy posing a woman inspite of being man or if someone is interestd to write as ghost writer like you we need not discuss it at all because its a matter of personal choice . yes the problem comes when we wash dirty linen in public and do it either of the above ways . then both are fraud because they are misusing technik
but fraud is too harsh a term but since you used i am merely repeating

" repeat once again, please concentrate on the possibility of Ms Rakhshanda being able to create a blogger profile in October 2007 even when she was at a total loss of familiarity with the blog world beyond March 2008, as she claims."
this is possible for any one to do
i was writig in roman for a year on my hindi poem blog before jitendre of narad told me about hindi bloging . i joined the brigade and then came the translition tool of google so i transliated all my poems in hindi from roman
the date of the posting of my first poem still is the same when it was ritten in roman but actually it was tranlited in hindi after one year.
i got interested in this post only because of the misnorm { according to my little kowledge} by which you were trying to prove that blog creation date and profile creation date cant be different .
profiel creation date will be when you create the gmail id or if you log in witrh some other email on gmail
blogger creation that will be when you make blog
post date will be when you post on that blog
aal three can be different
and the first one always remains static but blog can be migrated from one identity to another
REPEAT AGAIN
i am not participating in this discussion to prove or diprove whether rakshanda is man or woman or when she started to write and where or when she wrote her first post
i want to learn on blogign by knowledge sharing

रचना said...

meri profile creation date hai sep 2006 jabki meri pahli post hai feb 07.. aur jaha tak mujhe pata hai maine apna blog feb 07 mein banaya tha.. mujhe nahi pata sep 06 kyo aa raha hai isme..

@kush
please check and see when you started using email with which you made a blog on feb 07
the day you joined gmail { ie if you are on gmail } you must have got a email from them congratulating you on joining th community
its since that date your profile was created

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